Wednesday, 23 December 2020

यादें

یادیں 

  یادیں 
ریت اگر ہوتیں 
 ذہن میں 
قید نہ ہوتیں 
مگر 
یہ منجمد برف ہیں 
کھرچنے سے 
کہاں معدوم ہوتی ہیں 
شبنم فردوس

यादें

यादें 
रेत अगर होतीं
ज़ेहन में
क़ैद न होतीं
मगर
ये मुंजमिद बर्फ़ हैं
खुरचने से 
कहां मादुम होतीं हैं
शबनम फ़िरदौस

Tuesday, 8 December 2020

तलाशे सहर

تلاشِ سحر
وادیء چشم میں
 اڑتی امید کی تتلی
دم توڑ رہی ہے 
تلاشِ سحر میں
شبنم فردوس

तलाशे सहर
वादी ए चश्म में उड़ती
उम्मीद की तितली
दम तोड़ रही है
तलाशे सहर में
शबनम फ़िरदौस

Sunday, 6 December 2020

شعر


اک بار چاند اترا تھا آنکھوں کی جھیل میں 

پھر جھیل میں بسیرا اماوس نے کر لیا 
شبنم فردوس

एक बार चांद उतरा था आंखों की झील में
फिर झील में बसेरा अमावस ने कर लिया
शबनम फ़िरदौस
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