Thursday, 30 December 2021

Sher_Poet_Shabnam Firdaus

در آئی  ہے یہ خامشی جو بیچ ہمارے
 اب یار بچھڑنے کے ہیں امکان ہزاروں
  شبنم فردوس

दर‌ आई‌ है ये ख़ाम्शी जो बीच हमारे
अब यार बिछड़ने के हैं इमकान हज़ारों
शबनम फ़िरदौस

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